जिंदगी को दूसरा मौका मिलने की कहानी है। ❤️ #Bastar #Chhattisgarh #Naxal #Maoist
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Vicky Singh
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Aug 15, 2026
कभी बस्तर के जंगलों में हथियार उठाने वाली 9 पूर्व महिला माओवादी कैडर अब रायपुर के फैशन रैम्प पर नजर आईं। 7 अगस्त 2026 को नेशनल हैंडलूम डे के अवसर पर रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में इन महिलाओं ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कोसा सिल्क और हैंडलूम परिधानों को पहनकर रैम्प वॉक किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन 9 महिलाओं में 8 सुकमा और 1 बीजापुर से हैं। इनमें से ज्यादातर ने पिछले करीब डेढ़ साल के दौरान आत्मसमर्पण किया और अब पुनर्वास केंद्र में नई जिंदगी शुरू कर रही हैं। रैम्प वॉक से पहले उन्हें मुंबई के प्रोफेशनल्स ने करीब 7 दिनों तक ट्रेनिंग दी—जिसमें रैम्प वॉक, ग्रूमिंग, पहनावे और आत्मविश्वास के साथ मंच पर बोलने की ट्रेनिंग शामिल थी। इन महिलाओं के लिए यह अनुभव बिल्कुल नया था। एक पूर्व महिला माओवादी ने बताया कि जंगल की जिंदगी में उन्होंने कभी इस तरह के फैशन शो की कल्पना भी नहीं की थी। सबसे खास बात यह रही कि कार्यक्रम में फैशन के साथ पुनर्वास और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, दोनों को एक साथ मंच मिला। कभी जिनकी जिंदगी जंगल और हिंसा से जुड़ी थी, आज वही महिलाएं पारंपरिक परिधानों में मंच पर खड़ी होकर एक नई शुरुआत का संदेश दे रही थीं। हथियारों से हैंडलूम तक का यह सफर सिर्फ एक रैम्प वॉक नहीं, बल्कि जिंदगी को दूसरा मौका मिलने की कहानी है। ❤️ #Bastar #Chhattisgarh #Naxal #Maoist #Rehabilitation #NationalHandloomDay #KosaSilk #Handloom #Raipur #BastarNews #India
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