Sign in to like videos,
subscribe, and earn!
Languages
No language preferences
Interests
No interest preferences
How earnings work →
Got more questions? View FAQs
© 2026 LYKSTAGE
Show more
Sheela Singh
0 subscribers
Uploaded to LYKSTAGE
Aug 20, 2026
सावन माह की दिव्य कथा – अध्याय 16 में सुनिए भगवान शिव और रावण से जुड़ी एक अद्भुत और रोमांचक पौराणिक कथा। 🙏 क्या आपको पता है कि रावण ने एक बार कैलाश पर्वत को उठाने का प्रयास क्यों किया था? भगवान शिव ने उसके अहंकार को कैसे समाप्त किया? और इसी प्रसंग से जुड़ी शिव तांडव स्तोत्र की प्रसिद्ध कथा क्या है? इस वीडियो में हम जानेंगे रावण की शक्ति, उसके अहंकार, कैलाश पर्वत उठाने के प्रयास और भगवान शिव की दिव्य लीला का विस्तृत वर्णन। कथा के अनुसार, जब रावण ने अपनी शक्ति के अभिमान में कैलाश पर्वत को उठाने का प्रयास किया, तब भगवान शिव ने केवल अपने पैर के अंगूठे से कैलाश को दबा दिया। रावण असहाय हो गया और अंततः भगवान शिव की स्तुति करने लगा। रावण की भक्ति और पश्चाताप से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उसे क्षमा किया और कथा-परंपरा के अनुसार चंद्रहास दिव्य खड्ग का वरदान प्रदान किया। लेकिन इस पूरी कथा में सबसे बड़ी सीख क्या है? 👉 शक्ति से बड़ा है विनम्रता। 👉 ज्ञान के साथ अहंकार नहीं होना चाहिए। 👉 सच्ची भक्ति में समर्पण होना चाहिए। 👉 अपनी गलती स्वीकार करने से मनुष्य महान बनता है। यह कथा केवल भगवान शिव और रावण की कहानी नहीं, बल्कि अहंकार और भक्ति के बीच के अंतर को समझाने वाली एक गहरी आध्यात्मिक कथा भी है। 🙏 अगर आप भगवान शिव, माता पार्वती, सावन माह की कथाएं, शिव पुराण से जुड़े प्रसंग और सनातन धर्म की पौराणिक कथाएं सुनना पसंद करते हैं, तो इस वीडियो को अंत तक जरूर देखें। वीडियो पसंद आए तो ❤️ Like करें, 🔔 चैनल को Subscribe करें, और कमेंट में लिखें — हर हर महादेव 🔱
Read more
Similar videos