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Aug 21, 2026
DRDO का बड़ा कदम: अग्नि मिसाइल उत्पादन में निजी क्षेत्र की एंट्री — भारत की रणनीतिक शक्ति का नया अध्याय आज भारत के रक्षा क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो केवल हथियारों के उत्पादन से जुड़ी खबर नहीं है, बल्कि भारत की रणनीतिक और सैन्य आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा बदलाव संकेतित करती है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO ने रणनीतिक हथियारों के विकास और निर्माण में निजी कंपनियों की भागीदारी का रास्ता खोलने की पहल की है। रिपोर्टों के अनुसार, निजी क्षेत्र की कंपनियों को रणनीतिक हथियारों के उत्पादन में भागीदार बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। और यहां सबसे महत्वपूर्ण नाम है—अग्नि मिसाइल परिवार। भारत की अग्नि मिसाइलें देश की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता की रीढ़ मानी जाती हैं। DRDO स्वयं अग्नि और पृथ्वी जैसी रणनीतिक प्रणालियों के स्वदेशी विकास और उत्पादन को अपनी प्रमुख उपलब्धियों में गिनता है। लेकिन सवाल है— अगर निजी कंपनियां अग्नि जैसी रणनीतिक मिसाइलों के उत्पादन में आएंगी, तो इसका मतलब क्या है? सबसे पहले हमें एक बात बिल्कुल स्पष्ट समझनी होगी। इसका अर्थ यह नहीं है कि निजी कंपनियों को भारत के परमाणु हथियारों पर स्वतंत्र नियंत्रण दे दिया गया है। परमाणु हथियारों की नीति, नियंत्रण और कमान भारत सरकार और संबंधित सरकारी संस्थाओं के अधीन ही रहती है। निजी क्षेत्र की संभावित भूमिका मुख्यतः निर्माण क्षमता, औद्योगिक उत्पादन, सप्लाई चेन, इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षमता को बढ़ाने से जुड़ी है। जय हिंद!
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